तुम्हें अपना लिखूँगा।

 एक रोज़ उठाऊंगा मैं एक कलम और उससे एक कागज़ पे 

तुम्हारा और मेरा मिलन लिखुंगा। 


हम असल ज़िन्दगी में तो एक दूज़े के ना हो पाये,

पर मेरी हर एक रचनाओं, किताबों, कहानियों, किस्सों, ग़ज़लों, शायरियों, शेरों, और मिसरो में तुम मेरी रहोगी। 


इन रचनाओं में मैं ज़िक्र करूँगा हमारी पहली मुलाक़ात का,

तुम्हें शायद याद नहीं, पर मैं तुम्हे मिला था सावन के एक भीगी दोपहरियाँ में,

मैं पूरा भीगा हुआ किसी के इंतज़ार में, तुम्हारे केबिन के बहार शीशे के उस ओर तुम्हे देख रहा था,

और तुम अपने मेज़ पे कुछ खोज रही थी, हमारी आखें दो चार बार टकराई भी थी….शायद, या शायद नहीं 

खैर तुम्हे पहली बार देखने के बाद होश भी कहा रहा था मुझे। 


फिर लिखूंगा एक कहानी उस वाक्या की 

जहां तुम्हे गुलाबी सूट में देख मैं तुम्हारी ख़ूबसूरती के आगे नतमस्तक था 

चांदनी बिंदी, हाथो में कुछ २-४ गुलाबी चूड़ियां और होठो पे लाली,

सच आज भी सर झुका रखा मैंने तुम्हारे आगे। 


फिर हर्फ़ होगा वो क़िस्सा जहाँ मेरे बहुत कहने पे तुमने एक रोज़ खीर बनायीं थी,

शक्कर कम पर स्वाद बहुत था। 

फिर वो तुम्हे ग़ुलाब के फूल नहीं पर कलियाँ पसंद है वाला क़िस्सा,

क़िस्सा मेरी शर्ट पे तुम्हारे चाँद बनाने का,

जानती हो आज भी वो शर्ट वैसी ही है, 

पर अब कभी कभी उसपे बना चाँद ढूढ़ना मुश्किल लगता हैं 

और अब मुझे चाँद से कुछ ज़ायदा हमदर्दी भी नहीं।


वो मिर्ज़ा ग़ालिब की किताब जो तुमने मुझे मेरे शहर छोड़ने पे दी थी,

आज भी यूँही मेरे मेज़ पे अधूरी रखी है,

तुम्हारी कुछ आधी लिखी कविताएं पूरी कर दी है मैंने,

कइयों से चाँद का ज़िक्र हटा, प्रतीक्षा और प्रेम का वर्णन किया है 

हाँ पर जो कविताएं तुमने मेरे लिए लिखी थी, उन्हें मैं ही अपने पास रख लेता हूँ। 

तुम्हारी दी हुयी हरी शर्ट, कुछ किताबें और हमारी यादें सब संभाल के एक दराज़ में रख देता हूँ 

हर सर्दी उन्हें जाड़े की धुप दिखने निकल दिया करूँगा, 

शर्ट और किताबें वक़्त के साथ नदारद हो जायेंगी पर यादें? भूलने में एक पूरा जीवन जाएगा।  


और फ़िर अंत में मैं लिखूंगा एक इज़हार-ए-मोहब्बत ग़ज़ल,

वो जिसमे इंसानियत के सरहद पार हमारे मिलन की कसमें नहीं होंगी,

जिसमे मिसरे नहीं होंगे, शेर नहीं होंगे,

बस एक ज़िक्र होगा तुम्हारे वो अधूरे ख्वाब का जहाँ हम एक है।

Comments

  1. The pain never gets old. 🫂

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  2. Bht sundar bhai ।।।

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  3. “जानती हो आज भी वो शर्ट वैसी ही है,

    पर अब कभी कभी उसपे बना चाँद ढूढ़ना मुश्किल लगता हैं “ 🫠

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  4. Beautifully written

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  5. Very deep poetry

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  6. Mai bhi tumhe apna likhugi 🫂

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