एक कहानी प्यार की
हर रोज उसको तंग करना जैसे मेरी आदत हो चुकी है..,
और वो एक हसीन लड़की बुधु सी थोड़ी मनचली है।
शरारतें उसकी कुछ अलग ही हीजाब ओढे आयी थी..,
और ख्वाहिशें उसकी आसमां को छूने की पर आँखों मे हमेशा कुछ नमीं थी॥
उसकी उन आँखों से मुलाकात कुछ इस कदर हुई थी..,
वो नीली आँखें चश्मे से बाहर झांक रही थी..,
और मेरी आँखें उसकी झाकती आँखों की मंजिल ढूंढ रही थी।
पेहली ही मुलाकात मे वो कुछ इस कदर मुस्कुराई थी..,
की आवाज़ उसकी मुस्कराहट की सिधे मेरे दिल के दिवारो से तकराई थी॥
प्यार की परिभाषा उसने कुछ अलग बना रखी थी..,
चाहती तो थी दिल देना पर दिल मे ही तो उसने अपनी पूरी ज़िन्दगी छुपा रखी थी।
ठहर जाते थे अक्सर लमहे उसकी मुस्कराहट के इन्तजार मे..,
पर वो बिते लमहों से लड़ती-झगड़ती ना जाने क्यों बस एक गुजरता अहसास बनी हुई थी॥
उसकी ज़िन्दगी मे आया वो प्यार फिरसे था..,
मुस्कुराना सिख लिया था उसने जिसकी खास वजह वो ही था।
वो लाया था बहार एक अजीब सी वापस उसकी कहानी मे..,
ले गया निकाल के ग़म सारे कहीं दूर कही आया से एक फरिश्ता वो था॥
एहसास प्यार का उसे कराया उसने था..,
इस एहसास मे दोनों ने हारा अपना दिल एक-दूजे से था।
पर लिख रही थी किस्मत एक किस्सा ऐसा..,
जिस दिल को पुकार रही बाहें फैलाये वो दिल तो वो पहले ही बड़ा कमजोर था॥
आँसुओं ने आखिर कर ही दिये थे इजहार सारे सपने उसके..,
पर हाथो कि लकीरें बुन रही थी कुछ साजिशें ऐसी
की हँसते हुए टाल रहा था अपनी मौत वो..,
और कर रहा था नाम किसी और के अपनी खुशियाँ वो॥
यूं वक्त ने पलटा अपना रूख बड़ी तेजी से था..,
जो बने थे एक-दूजे के लिये उन्हें साथ जीने के लिये करना अभी जन्मों का इन्तजार था।
यूं कोशिशें होती अक्सर किस्मत को मोड़ने की
पर अब साजिशें हुई कुछ ऐसी थी कि अब उसकी आँखों मे बस मौत का इन्तजार था॥
जो कभी ना कह पाती उसने उस दिन वो कह कर दिखाया था..,
शायद रोना चाहतीं थी वो..,
पर उसकी आखरी मुस्कराहट के खातिर उसनें अपने आँसुओं को भी छुपाया था॥
मौत से लड़ते-लड़ते थक कर उसने आखिर मे ये बोल ही दिया..,
ना चाहते हुये भी आखरी पलो मे उसनें अपनी चाहत का राज खोल दिया।
रोक ना पायी वो अपने गिरते आँसुओं को निगाहों मे..,
पूछ रही थी खूद से ही आखिर क्यों मैंने उन बिते लम्हों से नाता तोड़ दिया॥
गोद मे उसके सर रख कर वो चैन कि नींद सोया था..,
ना जाने कब किसने एक ऐसा भी दिवाना पाया था।
प्यार किया था उसने ऐसा कि मरने के बाद भी उसके लिये दूजे का प्यार वो छोड़ गया..,
और उसी प्यार को उसने यादों मे अपनी ज़िन्दगी भर उसके एहसासों से पिरोया था॥
Sir g supppr
ReplyDeleteThank you
DeleteThank you bhai
ReplyDelete❤️❤️
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